काशीपुर में बीते रोज ग्राम ढकिया गुलाबो में तालाब के पास खेतों में नवजात शिशु मिलने पर जहां मानवता शर्मसार हुई, वही नवजात शिशु की देखभाल और रखरखाव के लिए सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय लोगों ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेकर प्रशासनिक अमले से उसके लालन- पोषण के लिए यथायोग कार्रवाई की मांग की। उत्तराखंड शासन द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता अलका पाल ने राजकीय चिकित्सालय में पहुंचकर संबंधित स्टाफ से नवजात शिशु के विषय में जानकारी प्राप्त कर प्रशासनिक अधिकारियों से नवजात शिशु के पालन-पोषण एवं भविष्य के लिए ठोस प्रयास करने का आह्वान किया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता अलका पाल ने एल.डी. भट्ट राजकीय अस्पताल की नर्स एवं संबंधित स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजकीय चिकित्सालय के स्टाफ की वजह से एक नवजात की जिंदगी बच गई। उन्होंने कहा कि नवजात शिशु की मां के सामने परिस्थितियां कुछ भी रही हो लेकिन इस प्रसंग से मानवता शर्मसार हुई है। उन्होंने उप जिलाधिकारी आकांक्षा वर्मा से भी इस विषय में बात कर नवजात शिशु के पालन-पोषण के लिए यथासंभव प्रयास के लिए आह्वान किया। अस्पताल के अधीक्षक पी.के.सिन्हा,स्वास्थ्य कर्मचारी दिनेश कुमार, तरुण लोहानी सहित संबंधित स्टाफ उपस्थित थे।







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