
टनकपुर: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा कोरोना काल में उत्तराखंड वापस लौटे प्रवासियों को रोजगार देने का दावा सिर्फ हवा हवाई ही साबित हो रहा है l पंजीकरण की संख्या के आँकलन के हिसाब से नौकरी पाने वालों की संख्या नगण्य दर्शायी जा रही है l ये विचार “आप” प्रदेश प्रवक्ता संगीता शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस में व्यक्त किये ।

उन्होंने प्रेस से मुखातिब होते हुए कहा कि कई जनपदों में अब तक सही आंकड़े ही तैयार नही हुए है तो कई जिलों में पंजीकरण की प्रकिया की अभी तक शुरुआत ही नही हो पायी है ।
कोरोना माहमारी के चलते उत्तराखंड लौटे प्रवासियों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया । जिसके चलते कई युवाओं ने जो अपना व्यवसाय करने में सक्षम थे उन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में व्यवसाय ,उद्धोग , कारखाने लगाकर काम शुरू कर दिया । वहीं काफी संख्या में युवा जो कि अपना व्यवसाय करने में सफल नही हो पाए उनके आगे बड़ा आर्थिक संकट सामने आ गया । युवाओं और कई संगठनों द्वारा आवाज उठाने के बाद सूबे की सरकार ने ये दावा किया कि हम जल्द से जल्द युवाओ को रोजगार देंगे ,जिसके चलते उन्होंने पोर्टल के माध्यम से सभी जनपदों में प्रवासियों का पंजीकरण करवाने की बात कही , कई जनपदों में हजारों की संख्या में पंजीकरण कराने को भीड़ इक्क्ठा हुई । वहीं कुछ जनपदों में तो पंजीकरण के आंकड़े एवं कई जनपदों में पंजीकरणकी प्रक्रिया शुरू भी नही हो सकी । जिसके बाद अभी तक युवाओं को रोजगार नही मिल सका ।

आम आदमी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता संगीता शर्मा ने कहा कि बड़े बड़े दावे करने वाली त्रिवेन्द्र सरकार एक बार फिर अपने ही दावों पर पूरी तरह नाकाम साबित होती नजर आ रही है । इस सरकार ने बार बार प्रदेश के युवाओं और छात्रों के साथ छलावा किया है , चाहें वो रोजगार देने की बात रही हो , या फिर युवाओं के हक की नौकरियों पर अन्दरखाने से किसी और को बिठाने की बात रही हो । आम आदमी पार्टी पिछले कई महीनों से प्रदेश में विपक्ष का फर्ज निभाकर सूबे के युवाओं , छात्रों , बुजुर्गों , महिलाओ की आवाज उठा रही है और आगे भी उठाती रहेगी ।



सम्पादक
खबर प्रवाह

More Stories
निर्माण का मलवा सडकों पर फेंका तो होगी कार्रवाई, नगर निगम काशीपुर ने जारी की सख्त चेतावनी।
भोजन माताओं के समर्थन में उतरी कांग्रेस, काशीपुर जिलाध्यक्ष अलका पाल बोलीं भोजन माताओ का सड़कों पर उतरना सरकार की नारी विरोधी सोच का नतीजा।
काशीपुर में महीने भर के भीतर तीसरा तेंदुआ पिंजरे में फंसा