April 4, 2026

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काशीपुर की आईटीआई पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, करोड़ों की स्मैक के साथ सगे भाई गिरफ्तार।

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उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर के काशीपुर के आईटीआई थाना पुलिस ने करोड़ों की स्मैक के साथ 2 सगे भाइयों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों का संबंधित धाराओं में चालान कर न्यायालय में पेश किया है।

दरअसल ऊधम सिंह नगर ज़िले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में नशे के विरूद्ध अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत यह बड़ी कार्यवाही की गई। काशीपुर के एसपी प्रमोद कुमार ने आज आईटीआई थाने में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को लगातार अन्य राज्यों से स्मैक लाकर काशीपुर क्षेत्र में बेचे जाने की सूचना मिल रही थी। इसी के अंतर्गत थाना आईटीआई पुलिस ने बीती रात चैकिंग के दौरान लोहियापुल स्थित रजपुरा-टांडा रोड पर बाइक संख्या UP 25 BX- 8274 से आते दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया, तो वह पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने आरोपियों को दबोचकर जब उनकी तलाशी ली तो उनके पास से 300 ग्राम स्मैक बरामद हुई। आरोपियों में से उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली थाना फतेहगंज के निवासी शाहिद हुसैन पुत्र मो० इशाक के पास से 282 ग्राम स्मैक जबकि उसके सगे भाई जाकिर पुत्र मौ. इशाक के पास से 18 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह बरेली से स्मैक लेकर उसमें कट व पावर मिलाकर घर में तैयार कर ज्यादा दामों पर बेचते हैं। लाॅकडाउन के कारण पैसों की कमी के चलते वह स्वयं स्मैक को काशीपुर व रामनगर समेत पर्वतीय क्षेत्रों में बेचने जा रहे थे। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को संबंधित धाराओं में चालान कर न्यायालय में पेश करते हुए घटना में प्रयुक्त बाइक को सीज कर दिया। अंतर्राज्यीय बाजार में स्मैक की कीमत करीब डेड़ करोड आंकी जा रही है। एसपी प्रमोद कुमार ने स्मैक की खेप पकड़ने पर सीओ अक्षय प्रहलाद कोंडे, थानाध्यक्ष विद्यादत्त जोशी, पैगा चौकी इंचार्ज अमित शर्मा, एसआइ मनोज सिंह देव, एसआइ राकेश कठैत सहित पूरी टीम की प्रशंसा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अब उन्हें काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों में नशे की सप्लाई चेन को तोड़ना है। एसपी ने कहा कि किसी भी हाल में नशे का कारोबार बंद होना चाहिए। जरूरत पड़ने पर पुलिस बरेली और उत्तराखंड के अन्य जिलों में भी दबिश देगी। स्मैक, चरस, अफीम आदि की सप्लाई करने वालों की जड़ तक पहुंचकर इस तस्करी के धंधे को ध्वस्त करना है।