उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जितेंद्र सरस्वती ने कहा कि जसपुर के कांग्रेस विधायक आदेश चौहान के ऊपर राज्य सरकार के दबाव में जिस प्रकार से पुलिस प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कर विधायक के विशेषधिकारों का हनन किया है, वह निंदा का विषय है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सरस्वती ने आरोप लगाते हुए कहा कि विगत दिनों पौड़ी गढ़वाल में एसडीएम के द्वारा एक कांग्रेसी नेता के साथ दुर्व्यवहार और अब जसपुर क्षेत्र के विधायक आदेश चौहान के खिलाफ दर्ज एफआईआर इस बात का सबूत है कि भाजपा के शासनकाल में उत्तराखंड के अंदर विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं है। राज्य की भाजपा सरकार के दबाव में विपक्ष के जनप्रतिनिधियों को जनता के हित की आवाज उठाने पर पुलिस द्वारा सुनियोजित तरीके से उत्पीड़ित किया जा रहा है । कांग्रेसी कार्यकर्ता भाजपा सरकार की इस हठधर्मिता और पुलिस प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शीघ्र जसपुर विधायक आदेश चौहान के खिलाफ झूठे दर्ज मुकदमे को वापस नहीं लिया गए तो पूरे प्रदेश के अंदर कांग्रेसी कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन को बाध्य होंगे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि डबल इंजन की बात करने वाली भाजपा सरकार को अपने अधीनस्थ विभागों में नौकरियों के नाम पर प्रदेश के युवा बेरोजगार युवाओं को छलेने का काम किया जाना है। भ्रष्टाचार के अखंड में डूबी भाजपा सरकार की उल्टी गिनती 4 सितंबर को दिल्ली की महारैली में आरंभ हो जाएगी।







सम्पादक
खबर प्रवाह

More Stories
निर्माण का मलवा सडकों पर फेंका तो होगी कार्रवाई, नगर निगम काशीपुर ने जारी की सख्त चेतावनी।
भोजन माताओं के समर्थन में उतरी कांग्रेस, काशीपुर जिलाध्यक्ष अलका पाल बोलीं भोजन माताओ का सड़कों पर उतरना सरकार की नारी विरोधी सोच का नतीजा।
काशीपुर में महीने भर के भीतर तीसरा तेंदुआ पिंजरे में फंसा