August 26, 2026

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पीसीयू के माध्यम से विदेशों तक पहुंचेगा अब गंगाजल, पीसीयू चैयरमैन ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी जानकारी।

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उत्तराखंड प्रादेशिक कॉपरेटिव यूनियन के चेयरमैन राम मेहरोत्रा ने आज अपने कार्यालय पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बीते रोज देहरादून में हुई पीसीयू की बैठक में लिए गए 14 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी मीडिया के साथ साझा की।

आपको बताते चलें कि बीते रोज देहरादून में उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन (पीसीयू) की एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें 14 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लेने के साथ ही प्रदेश स्तर पर नई योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई। उत्तराखंड प्रादेशिक को-ऑपरेटिव यूनियन के चेयरमैन ने बताया कि बीते रोज देहरादून में पीसीयू की बैठक में 14 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिए गए। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में पीसीयू के माध्यम से स्टेशनरी क्रय की जाएगी। गंगोत्री का गंगाजल अब उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन (पीसीयू) के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा इंस्टीट्यूट ऑफ कोऑपरेटिव मैनेजमेंट रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी, जिसमें कोऑपरेटिव सर्विसेस से संबंधित पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे। उन्होने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब शिक्षा निधि कोष से शिक्षा प्रशिक्षण कार्य संपादित करवाए जाएंगे। इसके साथ ही पीसीयू उत्तराखंड और पीसीयू उत्तर प्रदेश के मध्य परिसंपत्तियों एवं निधियों के विभाजन के संबंध में सहमति बन गई है। इस संबंध में जल्द ही दोनों राज्यों के अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक होगी। इसके साथ ही प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन की ओर से मासिक पत्रिका के आरएनआई रजिस्ट्रेशन को लेकर भी अध्यक्ष की ओर से औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए। पीसीयू चेयरमेन ने कहा कि अब राज्य में पीसीयू धान खरीद केंद्र लगाकर धान खरीद भी करेगी। साथ ही पीसीयू उत्तराखंड और पीसीयू उत्तर प्रदेश के मध्य परिसंपत्तियों एवं निधियों के विभाजन के संबंध में सहमति बन गई है। इस संबंध में जल्द ही दोनों राज्यों के अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक होगी। प्रदेशभर के गरीब किसानों के होनहार बच्चों को मुफ्त कोचिंग दी जाएगी। इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षा में प्रतिभाग करने के लिए प्रदेशभर से प्रतिवर्ष 15 गरीब किसानों के बच्चों का चयन किया जाएगा। जिसमे शिक्षा निधि कोष के माध्यम से कोचिंग का खर्च वहन किया जाएगा।

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