August 26, 2026

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नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करने के लिए मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड, देखिए वीडियो।

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आज से चैत्र नवरात्रि का शुभारम्भ नव संवत्सर 2080 के साथ हो गया। चैत्र मास के नवरात्रि के प्रथम दिन मां भगवती के प्रथम स्वरूप के रूप में शैलपुत्री देवी की आराधना एवं भक्ति पूरे देश भर में की जा रही है तो इससे देवभूमि उत्तराखंड भी अछूता नहीं है। इस अवसर पर देवभूमि के अन्य स्थानों के साथ-साथ काशीपुर में विभिन्न मंदिरों में माँ दुर्गा के प्रथम स्वरुप माँ शैलपुत्री का पूजन और अर्चना करने के लिए माँ के भक्तों की लम्बी लम्बी कतारें देखने को मिली।

नगर के माँ मंशा देवी शक्तिपीठ मंदिर, माँ चामुंडा देवी शक्ति पीठ मंदिर के अलावा माँ बाल सुंदरी देवी मंदिर, चौराहे वाली माता मंदिर, मां मनसा देवी मंदिर, मां गायत्री देवी मंदिर समेत अनेक मंदिरों में माँ के शैलपुत्री स्वरुप की पूजा की गयी। मंदिरों में सुबह से ही माँ के भक्त लम्बी लम्बी लाइनों में लगकर अपनी अपनी बारी आने की प्रतीक्षा करते दिखे। श्रद्धालुओं के मुताबिक नगर के मध्य में स्थित माँ चामुंडा मंदिर करीब सौ वर्षों पुराना है और यहाँ की मान्यता है कि यहाँ जो भी श्रद्धालु माँ का भक्त अपनी मन्नत और मनोकामना मांगता है वो जरूर पूरी होती है। वहीं भक्त मंदिरों के साथ साथ घरों में भी पूजा करते दिखे। वही चामुंडा मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित पूरन चंद कांडपाल के मुताबिक पिछले वर्षों में चैत्र नवरात्र के अवसर पर कोरोनावायरस वैश्विक महामारी के चलते पूजा नहीं हो पाई थी और मंदिर नहीं खुल पाए थे ऐसे में इस बार फिर मंदिरों में रौनक दिखाई दी तो श्रद्धालुओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।

चैत्र नवरात्री की शुरुआत आज से हो गयी। चैत्र नवरात्री के आज से शुरू होने के अवसर पर देशभर के साथ साथ देवभूमि उत्तराखंड के मंदिरों में माँ के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठा। इस मौके पर काशीपुर में माँ के मंदिरों में विशेष सजावट देखी गयी तो वहीं भक्तों में भी माँ के प्रथम स्वरुप के रूप में माँ शैलपुत्री की पूजा अर्चना करने का उत्साह दिखा। माँ के भक्त मंदिरों में लम्बी लम्बी लाइनों में लगकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करते दिखे। नगर के मंदिरों में माँ के शैल पुत्री स्वरूप की पूजा करते भक्त दिखाई दिए। आज से शुरू हुए नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जाएगी। नवरात्रि के नौ दिनों को बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान लोग देवी के नौ रूपों की आराधना कर उनसे आशीर्वाद मांगते हैं। मान्‍यता है कि इन नौ दिनों में जो भी सच्‍चे मन से मां दुर्गा की पूजा करता है उसकी सभी इच्‍छाएं पूर्ण होती हैं। यह पर्व बताता है कि झूठ कितना भी बड़ा और पाप कितना भी ताकतवर क्‍यों न हो अंत में जीत सच्‍चाई और धर्म की ही होती है। इस बार चैत्र नवरात्रि 22 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक हैं। इस दौरान उत्तराखंड के साथ साथ काशीपुर के मंदिरों में सुबह से ही पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग रहा। आज से ही नव संवत्सर 2080 का आरम्भ भी हो गया। नवरात्रि के प्रथम दिन मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी और नौवें दिन सिद्धिदात्री देवी की आराधना का विधान है।

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