August 26, 2026

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कोविड की गाईडलाईन के मिलेजुले असर के बीच खुले छोटे बच्चों के स्कूल, देखें वीडियो।

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प्रदेश सरकार के द्वारा कोरोना के प्रकोप के चलते पिछले डेढ़ साल से बंद स्कूलों को खोलने के जारी किए गए आदेशों के बाद आज कक्षा 1 से 5 तक के विद्यालय खोले गए। प्रदेश के अन्य स्थानों के साथ साथ काशीपुर में जहां सरकारी और निजी विद्यालयों में कोविड-19 के नियमों का पालन किया जा रहा है तो वहीं कुछ सरकारी विद्यालयों ने सरकार के द्वारा जारी एसओपी की धज्जियां उड़ाई गयी।

आपको बताते चलें कि कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते वर्ष 2020 के मार्च माह से स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए थे। बाद में कोरोना के कम होते प्रकोप के दृष्टिगत पहले कक्षा 9 से 12 तक के तथा बाद में कक्षा 6 से कक्षा 8 तक कोविड की गाईडलाईन का पालन करते हुए विद्यालय खोलने के निर्देश दे दिए गए थे। उत्तराखंड में कक्षा 1 से 5 तक के सभी विद्यालय लंबे समय से बंद पड़े हैं। वही कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में काफी गिरावट को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कक्षा 1 से 5 तक के विद्यालयों को खोलने का फैसला लिया है। इसी के चलते सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन करते हुए प्रदेश में स्थानों के साथ-साथ काशीपुर में विद्यालय खोले गए हैं। जहां स्कूलों में आने वाले बच्चे मास्क पहनकर कक्षा में बैठे दिखाई दे रहे हैं।

इतना ही नहीं विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्कूल में आने वाले बच्चों को सैनिटाइज और थर्मल स्क्रीनिंग करने के उपरांत ही विद्यालय में आने की अनुमति दी जा रही है वही तो वहीं कुछ विद्यालयों में छोटे बच्चे बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के आपस में बैठे हुए दिखाई दिए। इस बारे में उपशिक्षाधिकारी गीतिका जोशी ने कहा कि विद्यालय काफी लंबे अरसे के बाद खुले हैं इसलिए सभी स्कूल संचालकों को वह भी गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। बीते 19 सितम्बर को गूगल मीट के माध्यम से विकासखंड के सभी अध्यापकों के साथ उन्होंने वार्ता करके शासन की गाईडलाईन के बारे में बताकर उसके पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ज्यादा बच्चों की संख्या वाले विद्यालय में 2 पारियों में कक्षाएं संचालित करवाने के निर्देश दिए गए हैं और विद्यालयों में नियमित सैनिटाइजर करवाने और बिना मास्क के आने वाले बच्चों को उपलब्ध मास्क उपलब्ध करवाने और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बच्चों को विद्यालय में बैठाने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि कुछ विद्यालयों में उनके द्वारा निरीक्षण का व्यवस्था दुरस्त पाई गई तो वहीं कुछ विद्यालयों में व्यवस्था कहीं नहीं पाई जाने की सूचना के बाद एक बार फिर विद्यालयों के अध्यापकों की मीटिंग आहूत की गई है।

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