August 26, 2026

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भारत ने यहां दागी सुपरसोनिक मिसाइल, रक्षा मंत्रालय ने जताया खेद।

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नियमित रखरखाव के दौरान तकनीकी खराबी के कारण 9 मार्च को हुई आकस्मिक मिसाइल फायरिंग की जांच के लिए भारत सरकार ने उच्चस्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है। इस दौरान पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि भारत की तरफ से उनके देश की सीमा में एक सुपरसोनिक मिसाइल दागी गई। ये मिसाइल पाकिस्तान की सीमा के करीब 124 किमी अंदर गिरी। जिसे पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम ने ट्रेस किया था। वहीं, अब भारत सरकार ने आज शुक्रवार को इस बात को स्वीकारा और खेद व्यक्त किया। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक नियमित मेंटेनेंस के दौरान तकनीकी गलती की वजह से मिसाइल दग गई। घटना की जानकारी देते हुए सरकार की तरफ से आए बयान में बताया गया, “शुक्रवार 9 मार्च को नियमित मेंटेनेंस के दौरान एक तकनीकी गलती हुई, जिसकी वजह से एक मिसाइल अचानक दाग दी गई.” रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस मामले में एक उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

भारत के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है, “पता चला है कि यह मिसाइल पाकिस्तान के इलाके में जा कर गिरी. यह घटना अत्यधिक दुखद है, लेकिन इसके साथ ही यह राहत की बात है कि इस हादसे की वजह से कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।” पाकिस्तान ने शुक्रवार को ही भारत को इस घटना के बारे में चेतावनी दी थी। हालांकि शुरुआत में पाकिस्तानी सेना यह पक्के तौर पर नहीं जानती थी कि भारत की ओर से सुपरसोनिक स्पीड से आई चीज मिसाइल थी। पाकिस्तान ने कहा था कि काफी ऊंचाई पर एक सुपरसोनिक चीज भारत की तरफ से पाकिस्तान की ओर आई थी और पाकिस्तान के इलाके में जा कर गिर गई। आपको बता दें कि 9 मार्च को भारत की एक मिसाइल पाकिस्तान के इलाके में 124 किलोमीटर अंदर गिरी थी। डिफेंस मिनिस्ट्री ने शुक्रवार शाम जारी बयान में कहा- यह घटना ‘एक्सीडेंटल फायरिंग’ की वजह से हुई। 9 मार्च को रूटीन मेंटेनेंस के दौरान टेक्निकल वजहों से यह घटना हुई। सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और हाईलेवल कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी के ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। मंत्रालय ने कहा घटना पर हम दुख जताते हैं। अच्छी बात यह है कि इस एक्सीडेंटल फायरिंग की वजह से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स के डीजी मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने गुरुवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना का खुलासा किया था। बाबर ने कहा था- भारत की तरफ से जो चीज हमारे देश पर दागी गई, उसे आप सुपर सोनिक फ्लाइंग ऑब्जेक्ट या मिसाइल कह सकते है। इसमें किसी तरह के हथियार या बारूद नहीं था। लिहाजा, किसी तरह की तबाही नहीं हुई। बाबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले, पाकिस्तानी मीडिया में इस तरह की खबरें थीं कि भारत का कोई प्राईवेट एयरक्राफ्ट मियां चन्नू इलाके में क्रैश हुआ है। पाकिस्तानी फौज भी घटनास्थल मुल्तान के पास मियां चन्नू ही बता रही थी। डीजी आईएसपीआर ने कहा- 9 मार्च को शाम 6.43 पर बेहद तेज रफ्तार से एक मिसाइल भारत से पाकिस्तान की तरफ दागी गई। हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने राडार पर इसे देख लिया, लेकिन यह तेजी से मियां चन्नू इलाके में गिरी। बॉर्डर से पाकिस्तान पहुंचने में इसे 3 मिनट लगे। बॉर्डर से कुल 124 किलोमीटर दूरी तय की गई। 6.50 पर यह क्रैश हुई। कुछ घरों और प्रॉपर्टीज को नुकसान हुआ। यह मिसाइल भारत के सिरसा से दागी गई थी। टाइमिंग और मैप के लिहाज से देखें तो इस प्रोजेक्टाइल (बिना हथियारों की मिसाइल) ने 7 मिनट में 261 किलोमीटर दूरी तय की। बाबर ने कहा- हमारी टीम ने इस मिसाइल के फ्लाइट रूट का पता लगा लिया है। यह बेहद खतरनाक कदम है, क्योंकि जिस वक्त यह मिसाइल फायर की गई, उस वक्त भारत और पाकिस्तान के एयरस्पेस में कई फ्लाइट ऑपरेशनल थीं और कोई बड़ा हादसा हो सकता था। भारत से इस मामले पर सीधा जवाब दे। इसके पहले उनकी सबमरीन्स कराची के पास देखी गईं थीं।इंडियन एयरफोर्स इसका स्टॉक राजस्थान के श्रीगंगानगर में रखती है। हालांकि, पाकिस्तानी फौज का दावा है कि यह मिसाइल हरियाणा के सिरसा से दागी गई।

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