August 26, 2026

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मरीजों से वसूल रहे थे मनमाने रेट, जब पहुंची प्रशासन की टीम तो क्या हुआ जानिए ख़बर प्रवाह पर।

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काशीपुर में कोरोना संक्रमण के दौरान गंभीर रोगियों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए शासन-प्रशासन ने क्षेत्र के कई निजी अस्पतालों को कोविड इलाज करने की अनुमति प्रदान की थी। लेकिन कुछ निजी कोविड अस्पताल महामारी के दौर में अपनी मनमानी कर आमजन को खासा परेशान कर रहे हैं। लगातार शिकायत मिलने पर स्वास्थ व पुलिस विभाग ने संयुक्त रुप से ऐसे अस्पताल में छापामारी करके कई खामियां पाई। इस दौरान एक निजी अस्पताल के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया।

आपको बताते चलें कि काशीपुर क्षेत्र में प्रशासन ने दस निजी अस्पतालों को कोविड इलाज के लिए अनुमति प्रदान की है बावजूद इसके कई निजी कोविड अस्पताल सरकार की गाइड लाइन को धता बताकर अपनी मनमर्जी से कोविड मरीजों को भर्ती कर रहे थे और आपदा में अवसर ढूंढते हुए मनमाफिक इलाज के एवज में रकम वसूल रहे थे। साथ ही कई अस्पताल संचालक बैड फुल होने की बात कहकर रोगियों को भर्ती करने से मना कर रहे थे। जिसको लेकर कई पीड़ितों के परिजन बीते कई दिनों से डीजीपी, सीएम हेल्प डेस्क, जिलाधिकारी, संयुक्त मजिस्ट्रेट से शिकायत कर रहे थे। जिसको संज्ञान में लेते हुए आज आज दोपहर बाद कोरोना नोडल अधिकारी डॉ.अमरजीत साहनी, सीओ अक्षय प्रहलाद कुंडे, कोतवाली प्रभारी संजय पाठक, कुंडा थाना प्रभारी अरविंद चौधरी, आईटीआई थाना प्रभारी विद्या दत्त जोशी, कटोराताल चौकी प्रभारी ओमप्रकाश, बांसफोड़ान चौकी प्रभारी रविंद्र बिष्ट ने संयुक्त रुप से मुरादाबाद रोड स्थित कोविड निजी अस्पतालों में छापामार कार्रवाई की।

छापामार टीम ने इस दौरान निजी अस्पतालों के रिस्पेशन पर मौजूद भर्ती रजिस्टरों को चैक तो अस्पताल संचालकों की हकीकत सामने आई। रजिस्टर में जहां सभी बैड फुल दर्शाय गए थे, तो वहीं जब कोविड वार्ड का भौतिक निरीक्षण किया तो वहां आधे से अधिक बैड खाली पड़े थे। यही नहीं आईसीयू वार्ड में भर्ती कोविड रोगियों को उनके परिजन खाना व अन्य सामान स्वयं पहुंचा रहे थे। जिससे संक्रमण और अधिक फैलने का खतरा बना हुआ है। जांच के दौरान टीम ने देखा सरकार द्वारा जो गाइड लाइन जारी की गई है उसका पालन नहीं किया जा रहा था, अस्पताल मनमर्जी से रकम वसूल रहे थे और जो सुविधाएं कोविड रोगी को दी जानी चाहिए थी वह नहीं दी जा रही थी। कोरोना नोडल अधिकारी डॉ.साहनी व सीओ अक्षय प्रहलाद ने बताया जो शिकायतें लोगों ने की थी वह सत्य पाई गई है। कहा यदि कोई भी निजी कोविड अस्पताल सरकार द्वारा निर्धारित राशि से अधिक रकम वसूल करता है और कोविड रोगी को दी जाने वाली सुविधा नहीं देता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया इसी के तहत मुरादाबाद रोड स्थित स्पर्श अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहां काफी अनियमितताएं पाई गई जिसके चलते उक्त अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी। वहीं कोरोना नॉडल अधिकारी अमरजीत सिंह ने कहा कि सरकार ने कोविड-19 के अंतर्गत मरीजों से जो कीमत निर्धारित की थी स्थानीय निजी चिकित्सालय मानकों से अधिक कीमत कोविड के मरीजों से वसूल कर रहे थे जिसकी शिकायत पर आज छापामार कार्यवाही की गई। साथ ही अस्पताल में बेड खाली होने के बावजूद भी मरीजों से बेड भरे होने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इसी तरह एंबुलेंस चालक भी मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे मनमाने रेट वसूल कर रहे हैं उनके खिलाफ भी आगे कार्रवाई की जाएगी।

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